Thursday, November 9, 2017

काटे  तो  महंगा  पडे,घाटा सहे किसान
फूंके अगर पुराल को,दुश्मन कहे जहान
दुश्मन कहे जहान,प्रदूषण पहुंचे दिल्ली
जहाँ  दलों  के लोग,खेलते चूहा बिल्ली
नेता  तो  शौक़ीन, सभी हैं कद के नाटे
अब केवल भगवान्,कष्ट दिल्ली का काटे

रचनाकार
©कवि सुजीत शौक़ीन 09/11/2017