किसी तरह से आप ने,ली है बिल्ली मार
धरने जुमले छोड़ अब,काम करो सरकार
काम करो सरकार, कि वादे नहीं चलेंगें
दिल माँगे अब मोर, इरादे नहीं चलेंगें
दिल्ली में शौकीन, बहकते नहीं जिरह से
जुमलों से ये जीत,मिली है किसी तरह से
(10/02/2015) सर्वाधिकार सुरक्षित
रचनाकार @ कवि सुजीत शौकीन
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धरने जुमले छोड़ अब,काम करो सरकार
काम करो सरकार, कि वादे नहीं चलेंगें
दिल माँगे अब मोर, इरादे नहीं चलेंगें
दिल्ली में शौकीन, बहकते नहीं जिरह से
जुमलों से ये जीत,मिली है किसी तरह से
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