पुरुष स्त्री से वही चाहता है जो उसके पास है, जबकि औरत दुनिया की हर चीज पुरुष से चाहती है, उसके पास हो न हो।
मतलब पुरुष परस्पर सम्बन्ध में ज्यादा व्यवहारिक है,यानी संतोषी होता है।
यार ये औरतें इतनी अस्त व्यस्त क्यों होती हैं, झगड़ा भी ठीक से नहीं करतीं, कारण कुछ होता है, जो पुरुष कभी समझ ही नहीं पाता, और लडाई किन्हीं अन्य कारणों से करतीं हैं।
कई माननीय महिला मित्रों के 'स्त्री विमर्श' पढ़ने पडे आज, दिमाग की दही होने लगी तो सोचा, फेसबुक मित्रों के सामने रख देता हूँ इस दही को, वो मथेंगे तो शायद कुछ मक्खन निकल आए।
(03/11/2015) @सुजीत शौक़ीन
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