Wednesday, August 9, 2017

#अहंकारी या वास्तविक# @सुजीत शौक़ीन#
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   कुछ हुनरमंद लोगों का व्यक्तित्व अपने हुनर की रौ में बर्फ जैसा ठोस हो जाता है। मुझे ऐसे लोगों से संवाद बनाने में बहुत परेशानी महसूस होती है इसलिए मैं ऐसे लोगों से आमतौर पर दूरी बनाए रखता हूँ।
   पता नहीं ये मेरा अहंकार है या अहंकार का प्रतिकार?
    क्योंकि मेरा ये दृष्टिकोण हुनरमंद लोगों के लिए है,इसलिए कहीं न कहीं मैं अपने इस स्वभाव से असहमत भी हूँ और मुझे लगता है कि ऐसे लोगों की बर्फ पिघलाई जाए तो बहुत ही निर्मल जल की प्राप्ति संभव है।
    लेकिन जिन लोगों में कोई किसी प्रकार का हुनर भी नहीं है और उनका आचरण सर्वथा निज हितों के अनुसार संचालित होता है ऐसे लोगों के साथ अपने प्रतिकारात्मक अहंकार से मुझे कभी कोई असहमति नहीं होती।मुझे लगता है ऐसे गदले जल की बर्फ जमी ही रहे तो अच्छी, हालांकि अपने इस स्वभाव से मुझे हानि उठानी पड़ती है।
    पता नहीं मैं कैसा हूँ अहंकारी या वास्तविक!
@सुजीत शौक़ीन
सर्वाधिकार सुरक्षित 🔐10/08/2017
 रचनाकार @    कवि सुजीत शौक़ीन
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