बोतल खुली चुनाव की,निकला बाहर जिन्न
वोटर के मस्तिष्क पर,करे धिनक ता धिन्न
करे धिनक ता धिन्न,धिनक ता धिनधिन तारा
जनता खो कर होश, बनी सत्ता का चारा
कहता है शौक़ीन,खुले गलियों में होटल
बस्ती का हर वोट, दबोचे फिरता बोतल
सर्वाधिकार सुरक्षित 🔐05/05/2018
©कवि सुजीत शौक़ीन 09811783749
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करे धिनक ता धिन्न,धिनक ता धिनधिन तारा
जनता खो कर होश, बनी सत्ता का चारा
कहता है शौक़ीन,खुले गलियों में होटल
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